सूर्य की प्रतिकूलता के लिए माणिक्य धारण करवाया जाता हे सूर्य -जातक के आत्मा का कारक हे उसके बाद जीवन शक्ति ,आत्मविश्वाश का भी कारक हे मेष लग्न -सूर्य पंचम भाव का स्वामी बनता हे नितांत शुभ हे ,मेष लग्न वाले जातक माणिक्य धारण कर सकते हे वृषभ लग्न -सूर्य चतुर्थ भाव का स्वामी हे ,केन्द्र भाव का स्वामी हे इस लिए शुभ हे मगर लग्नेश का शत्रु हे इस लिए सूर्य की स्थिति के आधार पर माणिक्य धारण करना चाहिए अगर सूर्य 6th house,12house &8th house में हो तो माणिक्य धारण करना चाहिए मिथुन लग्न -सूर्य तृतीय भाव का स्वामी हे, यहाँ सूर्य शुभ नही हे ,माणिक्य धारण करना शुभ नही माना जाता ,अगर सूर्य 5th house ,8th house में हो तो माणिक्य पहेंन सकते हे साथ में लग्नेश का रत्न धारण करना चाहिए कर्कलग्न -सूर्य द्वितीय भाव का अधिपति बनता हे ,अगर सूर्य 4 house ,8th housse &12th house में हो तो माणिक्य धारण कर सकते हे सिंह लग्न -सूर्य लग्नेश हे .लग्नेश हमेशा शुभ होता हे ..सिंह लग्न वाले जातक सूर्य किसी भी भाव म हो माणिक्य धारण कर सकते हे कन्या लग्न -सुय द्वादश भाव का स्वामी ,यहाँ सूर्य शुभ नही माणिक्य धारण करना उचित नही होगा . तुला लग्न -सूर्य एकादश भाव का स्वामी हे लग्नेश का शत्रु हे ..यहाँ भी माणिक्य शुभ नही हे वृशिक लग्न -सूर्य कर्म भाव का स्वामी सूर्य की स्थिति अनुसार माणिक्य पहेंन सकते हे धनु लग्न -सूर्य भाग्येश हे माणिक्य धारण करना शुभ होगा अगर सूर्य 6th house ,8th house 11th house &12 house में बिराज मान हो तो मकर लग्न -सूर्य अष्टम भाव का स्वामी ,रंध्रेश अशुभ हे ,माणिक्य धारण करना शुभ नही होगा कुम्भ -सूर्य सप्तम भाव का स्वामी .और लग्नेश का परम शत्रु हे ...यहाँ सूर्य की स्थिति अनुसार माणिक्य धारण करना चाहिए मीन लग्न -सूर्य 6th house का स्वामी यहाँ भी सूर्य की स्थिति अनुसार माणिक्य धारण कर सकते हे ....... यह जानकारी स्थूल हे सूक्ष्म नही हे ,
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